Battery Life Kaise Badhaye

दोस्तों आपको जान कर बहुत ख़ुशी होगी की बैटरीस अब जल्द ही हल्की, छोटी व सस्ती बनाई जा सकेंगी। यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सास के वैज्ञानिको ने नए एनोड मैटीरियल को विकसित किया है जो साधारण लीथियम ऑयन बैटरी से दोगुनी पावर को स्टोर करेगा। यह मैटीरियल बैटरी के साइज को छोटा बना देगा।

वैज्ञानिको का कहना है कि इस सफल परिक्षण से कम कीमत में बेहतरीन लीथियम-ऑयन बैटरीस को जल्द तैयार किया जायेगा जो बाजार में जल्द उपलब्ध हो सकेगी।

वर्षो की मेहनत
लिथीयम-ऑयन बैटरीस को सभी डिवाइसिस पर काम करेगी और इनकी परफॉर्मैंस को बेहतर करने के लिए कई वर्षों की मेहनत के बाद वैज्ञानिको ने सफलता हासिल की है। इस बैटरी के छोटे नमूने को शोधकर्ताओं ने इंटरडिजीटेटिड इयूटैक्टिक अलॉय से बनाया है जिसका वजन पारम्परिक एनोड मैटीरियल से लगभग आधा है।

सूत्रों के मुताबिक इसे सिर्फ दो सिम्पल तरीको से बनाया गया है जिससे इन बैटरियों की मास प्रोडक्शन की जा सकती है।

बेहतर टेस्टिंग रिजल्ट्स
वैज्ञिकों ने इस तकनीक से छोटी लीथियम-ऑयन बैटरी बना कर उस पर टैस्ट किया है जिसमें इसकी परफॉर्मैंस को बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज कर देखा गया। इस टैस्ट उनको बेहतरीन रिजल्ट्स प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद इसकी कैपेसिटी को टिपिकल कोपर ग्रेफाइट एनोड से दोगुनी बताया गया है। इस तकनीक से स्मार्टफोन और लैपटॉप को लम्बी पावर बैकअप मिलेगा।

अच्छे परफॉर्मैंस
वैज्ञानिको कि टीम को लीड कर रहे टैक्सास मैटीरियल इंस्टीट्यूट के डायरैक्टर मंथीराम ने कहा है कि इलैक्ट्रोड नैनोमैटीरियल्स को बनाने के लिए इस सस्ती, स्केलेबल प्रक्रिया विकसित कर हम काफी रोमांचक महसूस कर रहे हैं। रिजल्ट्स में हमें पता चला है कि यह मैटीरियल बेहतरीन परफॉर्मैंस दे रहा है। हम आशा करते हैं कि यह तकनीक आने वाले समय में लैपटॉप और स्मार्टफोन कि पावर बैकअप को चार चाँद लगा देगी ।

तो आपको ये पोस्ट कैसी लगी इसके बारे में हमे comment में अपनी राय दें और इस पोस्ट को share करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *